अन्तर्सदनीय 'हिंदी-संस्कृत' गतिविधि सप्ताह 

     (13 जुलाई से 17 जुलाई 2026)


श्रवण, वाचन, पठन व लेखन - चारों भाषिक कौशलों में स्तरीय कुशलता के समन्वयन से बोधगम्यता व जीवन मूल्यों के विकास से समाज व देश के प्रति अपने कर्तव्यों की समझ का, विद्यार्थीगण में विकास ही भाषा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का मूल ध्येय है। 

    इसी ध्येय को लक्षित करते हुए ,विद्यालय के अंतर्सदनीय गतिविधि कैलेंडर के अनुसार ‘हिंदी-संस्कृत’ विभाग द्वारा 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक ‘हिंदी-संस्कृत गतिविधि सप्ताह’ आयोजित किया गया। इसमें 'स्वरचित लेखन', 'आशुभाषण', 'भारतीय भाषा उत्सव' पर आधारित 'बुलेटिन बोर्ड निर्माण प्रतियोगिता', 'गीता श्लोक गायन'  तथा 'गीता एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रश्न मंच' आदि गतिविधियाँ आयोजित हुईं। 

●‘स्वरचित लेखन प्रतियोगिता’ हेतु प्राथमिक स्तर पर यह गतिविधि कक्षाओं में करवाई गई। कक्षा आठवीं, नवीं व दसवीं के  चयनित बच्चों के साथ-साथ ग्यारहवीं व बारहवीं के बच्चों को भी इसमें भाग लेने का अवसर दिया गया । सभी कक्षाओं के बच्चों के लिए उन्हीं के स्तर के अनुसार अलग-अलग समसामयिक व विचारणीय विषय दिए गए। बच्चों ने इस प्रतियोगिता में कविता, कहानी, निबंध व लेख आदि विविध विधाओं में अपनी मौलिक लेखन प्रतिभा का परिचय दिया। 

●‘आशु भाषण’ प्रतियोगिता में छठी,सातवीं व आठवीं कक्षा के बच्चों ने कक्षा-स्तरानुसार विभिन्न समसामयिक एवं व्यावहारिक जीवन के अनुभवों पर आधारित विषयों पर धारा प्रवाह , विषय केंद्रित विषयवस्तु का प्रस्तुतीकरण अत्यंत आत्मविश्वास पूर्वक किया। 

● भारतीय भाषा उत्सव पर आधारित 'बुलेटिन बोर्ड निर्माण प्रतियोगिता' के अंतर्गत, चारों सदनों के नवी-दसवीं कक्षा के चार-चार बच्चों के समूहों ने, संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भारतीय भाषाओं में से , चारों दिशाओं के प्रतिनिधित्व स्वरूप कश्मीरी, असमिया, मलयालम एवं गुजराती भाषा  के उद्भव, विकास-क्रम, साहित्यिक उत्थान एवं आधुनिक भाषिक विशेषताओं को अत्यंत कलात्मक , सृजनात्मक शैली में प्रस्तुत किया।

● ‘गीता श्लोक गायन’ में चारों सदनों के कक्षा छठी, सातवीं व आठवीं के चार-चार बच्चों के समूहों ने ‘गीता’ के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण बहुत ही मधुर  स्वर में लय-तान सहित सुरुचि पूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।

●'गीता एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रश्नमंच' में प्रत्येक सदन के नवीं व दसवीं कक्षा के चार-चार विद्यार्थियों के समूहों ने 10 चरणों तक चले प्रश्न-मंच में एक दूसरे को काँटे की टक्कर दी व सटीक उत्तर प्रस्तुत किये। 

सभी गतिविधियों में निर्णायक मंडल के सदस्यों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन कर, भविष्य में भी इसी प्रकार विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर व्यक्तित्व निखार हेतु प्रोत्साहित किया।

गतिविधि सप्ताह में सम्मिलित सौ से अधिक प्रतिभागियों ने ‘हिंदी-संस्कृत’ विभाग की इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। निश्चित रूप से सभी गतिविधियॉं बच्चों के भाषिक कौशल-परीक्षण के साथ साथ-साथ उनकी अभिव्यक्ति क्षमता-शैली व आत्मविश्वास को निखारने में सफल रहीं।


‘हिंदी संस्कृत’ विभाग इन गतिविधियों के आयोजन का अवसर देने एवं इन्हें सफल बनाने हेतु विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आदरणीय प्रधानाचार्या महोदया एवं विद्यालय के सभी संबंधित सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार  प्रकट करते हुए कृतज्ञता ज्ञापन करता है।


हार्दिक आभार

हिंदी-संस्कृत विभाग










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