अन्तर्सदनीय 'हिंदी-संस्कृत' गतिविधि सप्ताह

     (4 अगस्त से 9 अगस्त 2025)

 

मौखिक एवं लिखित अभिव्यक्ति बच्चों के भाषिक कौशल व प्रतिभा को माँज कर उन के आत्मविश्वास को निखारती है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के इसी ध्येय के अंतर्गत, विद्यालय के अंतर्सदनीय गतिविधि कैलेंडर के अनुसार ‘हिंदी-संस्कृत विभाग द्वारा 4 अगस्त से 9 अगस्त 2025 तक ‘हिंदी-संस्कृत गतिविधि सप्ताह आयोजित किया गया। इसमें स्वरचित लेखन, कविता-वाचन, दोहा-गायन, गीता श्लोक गायन तथा चित्राधारित वर्णन एवं प्रस्तुतिकरण आदि गतिविधियाँ हुईं।

स्वरचित लेखन प्रतियोगिता’ हेतु प्राथमिक स्तर पर यह गतिविधि कक्षाओं में करवाई गई । कक्षा आठवीं, नवीं व दसवीं के  चयनित बच्चों ने इस प्रतियोगिता में कविता, कहानी, निबंध आदि के रूप में अपनी मौलिक लेखन  प्रतिभा का परिचय दिया। ‘कविता-वाचन’ प्रतियोगिता में छठी कक्षा के बच्चों ने विभिन्न विषयों एवं लगभग सभी रसों पर आधारित कविताओं का वाचन कर अद्भुत आत्मविश्वास एवं ओजस्विता का परिचय दिया। सामूहिक दोहा गायन प्रतियोगिता’ में सभी सदनों के कक्षा सातवीं के बच्चों ने लय व सरगम के अद्भुत समिश्रण से जीवन मूल्यों से परिपूर्ण इन दोहों को भिन्न-भिन्न सुर-स्वर में प्रस्तुत किया। ‘संस्कृत गीता श्लोक गायन’ में कक्षा छठी, सातवीं व आठवीं के बच्चों ने ‘गीता’ के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण बहुत ही मधुर स्वर में करते हुए ,उन्हें सुरुचि पूर्ण ढंग से गाया। प्रधानाचार्या महोदया ने इस अवसर पर बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए शाबाशी देकर उनका उत्साहवर्धन किया। ‘चित्र आधारित लेखन एवं प्रस्तुतिकरण’ में नवीं व दसवीं के बच्चों ने चित्रों को देखकर उन पर  संस्कृत भाषा में लिखित व मौखिक अभिव्यक्ति,  बड़े मनोयोग व आत्मविश्वास से सब के समक्ष प्रस्तुत की।

भाग लेने वाले प्रतियोगियों तथा श्रोताओं के रूप में उपस्थित कक्षा छठी से दसवीं के छात्र-छात्राओं ने ‘हिंदी-संस्कृत विभाग की इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। निश्चित रूप से सभी गतिविधियॉं बच्चों की अभिव्यक्ति एवं भाषिक कौशल को निखारने में सफल रहीं।

‘हिंदी संस्कृत’ विभाग इन गतिविधियों के आयोजन का अवसर एवं इसे सफल बनाने में  विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आदरणीय प्रधानाचार्या महोदया एवं विद्यालय के संबंधित घटको के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कृतज्ञता का भाव व्यक्त करता है।

धन्यवाद

हिंदी-संस्कृत विभाग








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